রাজধানী এক্সপ্রেস ‘হাইজ্যাক’ ঘটনায় ফের বিতর্কে ছত্রধর।

বাম আমলে রাজধানী এক্সপ্রেস ‘হাইজ্যাক’ ঘটনায় নাম উঠে এসেছিল ছত্রধর মাহাতোর। ঘটনার পর বেশ কিছু বছর কেটে যাওয়ার পর সম্প্রতি ছত্রধর মাহাতো কে নিজেদের হেফাজতে নিয়ে জিজ্ঞাসাবাদ করতে চেয়ে হাইকোর্ট একটি মামলা দায়ের করেছে এনআইএ। এ বিষয়ে এনআইএর অভিযোগ, নিম্নআদালতে ছত্রধরের হাজিরার আবেদন জানালেও তাতে আমল দেওয়া হয়নি। হাজির হয়নি ছত্রধর। তাই তারা এ বিষয়টিতে হাইকোর্টের দৃষ্টি আকর্ষণ করতে চাইছেন।
এ বিষয়ে বিচারপতি সঞ্জীব বন্দ্যোপাধ্যায় জানিয়েছেন, এক সপ্তাহের মধ্যে এ বিষয়ে রাজ্য সরকারের বক্তব্য জানাতে হবে। ছত্রধর মাহাতোর বিরুদ্ধে রাজ্য সরকারের অভিযোগ আছে কিনা জানতে চাওয়া হয়েছে।
তবে গ্রেফতারির প্রয়োজন নেই এমনটাই জানিয়েছে ছত্রধরের আইনজীবী। তিনি জানিয়েছেন, ছত্রধর ইউএপিএ ধারায় অভিযুক্ত হলেও হাইকোর্ট তাকে জামিন দিয়েছে।

छत्रधर महतोर को राजधानी एक्सप्रेस अपहृत घटना में वाम काल के दौरान नामित किया गया था। घटना के कई साल बाद, एनआईए ने हाल ही में उच्च न्यायालय में एक मामला दायर किया था जिसमें छत्रधर महतो को अपनी हिरासत में लेने की मांग की गई थी। इस संबंध में एनआईए की शिकायत, छत्रधर की निचली अदालत में पेश होने की अर्जी मंजूर नहीं की गई। छत्रधर दिखाई नहीं दिए। इसलिए वे इस मामले में उच्च न्यायालय का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।
न्यायमूर्ति संजीव बंद्योपाध्याय ने कहा कि राज्य सरकार को एक सप्ताह के भीतर मामले पर बयान देना होगा। राज्य सरकार से पूछा गया है कि क्या छत्रधर महतो पर कोई आरोप हैं।
हालांकि, छत्रधर के वकील ने कहा कि गिरफ्तारी की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि छत्रधर पर यूएपीए की धारा के तहत आरोप लगाए गए थे लेकिन उच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत दे दी।

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